Saturday, 05 May 2018 14:52

Satyendra Nath Bose

Written by
Satyendra Nath Bose
01-01-1894 - 04-02-1974
Physicist
Sunday, 06 May 2018 07:52

Barindra Kumar Ghosh

Written by
Barindra Kumar Ghosh
05-01-1880 - 18-04-1959
Revolutionary and Journalist
Sunday, 06 May 2018 09:13

Vrindavan Lal Verma

Written by
Vrindavan Lal Verma
09-01-1889 - 23-02-1969
Novelist and Playwright
Sunday, 06 May 2018 09:17

Har Govind Khurana

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Har Govind Khurana
09-01-1922 - 09-11-2011
Biochemist

अविभाजित भारतवर्ष के रायपुर (जिला मुल्तान, पंजाब) नामक कस्बे में 9 जनवरी 1922 को जन्में डॉ. हरगोविंद खुराना पटवारी पिता के चार पुत्रों में ये सबसे छोटे थे। पंजाब विश्वविद्यालय से सन् 1943 में बी. एस-सी. (आनर्स) तथा सन् 1945 में एम. एस-सी. (ऑनर्स) परीक्षाओं में उत्तीर्ण होकर भारत सरकार से छात्रवृत्ति पाकर ये इंग्लैंड गए और वहां लिवरपूल विश्वविद्यालय में प्रोफेसर ए. रॉबर्टसन् के अधीन अनुसंधान कर इन्होंने डाक्टरैट की उपाधि प्राप्त की।

Sunday, 06 May 2018 09:20

Swami Vivekanand

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Swami Vivekanand
12-01-1863 - 04-07-1902
Social Reformer
Sunday, 06 May 2018 09:24

Yellapragada Subbarow

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Yellapragada Subbarow
12-01-1895 - 08-08-1948
Biochemist
Sunday, 06 May 2018 10:08

Ras Bihari Bose

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Ras Bihari Bose
25-05-1896 - 21-01-1945
Revolutionary
Saturday, 05 May 2018 14:52

Satyendra Nath Bose

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Satyendra Nath Bose
01-01-1894 - 04-02-1974
Physicist
स्वामी श्रद्धानंद
06-02-1856 - 23-12-1926
Revolutionary

वैदिक धर्म, वैदिक संस्कृति, और आर्य जाति की रक्षा के लिए, मरणासन्न अवस्था से उसे पुनः प्राणवान एवं गतिवान बनाने के लिए और उसे सर्बोच्च शिखर पर पहुंचाने के लिये आर्य समाज ने सैंकड़ों बलिदान दिए हैं और उसमें प्रथम पंक्ति के प्रथम पुष्प हैं स्वामी श्रद्धानंद सरस्वती, जिनका 23 दिसम्बर को बलिदान दिवस है| स्वामी श्रद्धानंद का नाम देश, धर्म और संस्कृति की रक्षा करने वाले उन महान बलिदानियों में बहुत ही आदर के साथ लिया जाता है जिन्होंने अपनी जान की परवाह किए बगैर खुद को देश-समाज के लिये समर्पित कर दिया। धर्म, संस्कृति और देश पर बलिदान होना सबसे बड़ा कर्म माना जाता है और यह तब और भी बड़ा हो जाता है जब ये महान कार्य बगैर किसी स्वार्थ के किए जाएं।

स्वामी श्रद्धानंद ऐसे ही निस्वार्थ कार्य करने वाले महान धर्म और कर्म योद्धा थे। उनका श्रद्धानंद नाम उनके काम के मुताबिक पूरी तरह सही बैठता है। उन्होने स्वराज्य हासिल करने, देश को अंग्रेजी दासता से छुटकारा दिलाने और विधर्मी बने हिंदुओं का शुद्धिकरण करने, दलितों को उनका अधिकार दिलाने और पश्चिमी शिक्षा की जगह वैदिक शिक्षा प्रणाली गुरुकुल के मुताबिक शिक्षा का प्रबंध करने जैसे अनेक कार्य करने मे स्वयं को तिल तिल गला दिया।

Sunday, 06 May 2018 09:13

Vrindavan Lal Verma

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Vrindavan Lal Verma
09-01-1889 - 23-02-1969
Novelist and Playwright
Sunday, 06 May 2018 10:11

Vinayak Damodar Savarkar

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Vinayak Damodar Savarkar
28-05-1893 - 26-02-1966
Revolutionary, Author
Sunday, 06 May 2018 09:55

Sukhdev Thapar

Written by
Sukhdev Thapar
15-05-1907 - 23-03-1931
Revolutionary
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