Wednesday, 05 September 2018 11:11

Ashfaqullah Khan

Written by
Ashfaqullah Khan
22-10-1900 - 19-12-1927
Revolutionary
श्रीनिवास रामानुजन
22-12-1887 - 26-04-1920
Maths

22 दिसम्बर उन महान भारतीय गणितज्ञ श्रीनिवास रामानुजन का जन्मदिवस है, जो विश्व के महानतम गणितज्ञों में गिने जाते हैं और जिन्हें गणित के क्षेत्र में वही सम्मान प्राप्त है, जो विज्ञान के क्षेत्र में अल्बर्ट आइन्सटीन को| उनके लिखे कई सूत्र या प्रमेय आज भी हल नहीं किये जा सके है, या कहें कि उनकी उपपत्ति आज भी उपलब्ध नहीं है, मगर उन सूत्रों का उपयोग विभिन्न क्षेत्रों में बहुत सफ़लता के साथ हो रहा है। पूरी दुनिया के तमाम महान वैज्ञानिक और गणितज्ञ रामानुजन के द्वारा लिखे गये सूत्रों पर आज भी गहन शोध कार्य कर रहे हैं।

रामानुजम का जन्म तमिलनाडु में इरोड में एक बहुत ही साधारण परिवार में 22 दिसम्बर, 1887 को हुआ था। वे बचपन से ही कुशाग्र बुद्धि के बालक थे और अद्वितीय प्रतिभा, तर्कशक्ति और सृजनात्मकता के धनी थे। मद्रास विश्वविद्यालय से सन 1903 में उन्होंने दसवीं की परीक्षा कई पुरस्कारों के साथ पास की। हाई स्कूल के बाद ही उन्हें अत्यन्त प्रतिष्ठित “सुब्रयमण्यम छात्रवृत्ति” प्रदान की गयी जो कि उस समय गणित और अंग्रेजी के बहुत उत्कृष्ट छात्रों को दी जाती थी।

स्वामी श्रद्धानंद
06-02-1856 - 23-12-1926
Revolutionary

वैदिक धर्म, वैदिक संस्कृति, और आर्य जाति की रक्षा के लिए, मरणासन्न अवस्था से उसे पुनः प्राणवान एवं गतिवान बनाने के लिए और उसे सर्बोच्च शिखर पर पहुंचाने के लिये आर्य समाज ने सैंकड़ों बलिदान दिए हैं और उसमें प्रथम पंक्ति के प्रथम पुष्प हैं स्वामी श्रद्धानंद सरस्वती, जिनका 23 दिसम्बर को बलिदान दिवस है| स्वामी श्रद्धानंद का नाम देश, धर्म और संस्कृति की रक्षा करने वाले उन महान बलिदानियों में बहुत ही आदर के साथ लिया जाता है जिन्होंने अपनी जान की परवाह किए बगैर खुद को देश-समाज के लिये समर्पित कर दिया। धर्म, संस्कृति और देश पर बलिदान होना सबसे बड़ा कर्म माना जाता है और यह तब और भी बड़ा हो जाता है जब ये महान कार्य बगैर किसी स्वार्थ के किए जाएं।

स्वामी श्रद्धानंद ऐसे ही निस्वार्थ कार्य करने वाले महान धर्म और कर्म योद्धा थे। उनका श्रद्धानंद नाम उनके काम के मुताबिक पूरी तरह सही बैठता है। उन्होने स्वराज्य हासिल करने, देश को अंग्रेजी दासता से छुटकारा दिलाने और विधर्मी बने हिंदुओं का शुद्धिकरण करने, दलितों को उनका अधिकार दिलाने और पश्चिमी शिक्षा की जगह वैदिक शिक्षा प्रणाली गुरुकुल के मुताबिक शिक्षा का प्रबंध करने जैसे अनेक कार्य करने मे स्वयं को तिल तिल गला दिया।

Sunday, 06 May 2018 10:01

Sumitranandan Pant

Written by
Sumitranandan Pant
20-05-1900 - 28-12-1977
Poet
Sunday, 06 May 2018 09:45

Mahaveer Prasad Dwivedi

Written by
Mahaveer Prasad Dwivedi
15-05-1864 - 29-12-1938
Writer and Editor